Saturday, 21 March 2015

चूतियो की गणना में सहायता के लिए हुई थी आम आदमी पार्टी की स्थापना

आम आदमी पार्टी के स्थापना के विषय में तरह तरह के अँटकले लगायी जाती रही है , जैसे के कांग्रेस टीम बी , आरएसएस के एजेंट इत्यादि ।लेकिन हाल ही में एक स्टिंग द्वारा पता लगा है की आम आदमी पार्टी की स्थापना के पीछे पिछली भारतीय सरकार के नौकरशाहों का हाथ है ।
गौरतलब यह है की सन २०११ में भारतीय सरकार ने जनगणना के समय जाति आधारित गणना करने के आदेश दिए थे, हमारे देश में अनगिनत जातिया है लेकिन उनमें से प्रमुख है एक जाति.. चूतिया.. ये प्रजाति भारत के हर कोने में पायी जाती है लेकिन इनकी कोई एक पहचान नहीं है । ये कभी कभी लालू ,ममता,करूणानिधि, मुलायम,पासवान ,आजम,ओवैसी,मुफ़्ती,माया इत्यादि नामों से जाने जाते है । इस प्रजाति की गणना करते समय सेन्सस डिपार्टमेंट को बहुत ही कठिनाई हो रही थी।
सेन्सस डिपार्टमेंट के प्रमुख श्री दिग्विजय सिंह ने हमारे संवाददाता को बताया है की इस कठिनाई के बाद ही हमें एक ऐसी पार्टी बनाने का फैसला किया जो चूतियो की गणना में हमारी मदद कर सके । उसी समय ठोकपाल आंदोलन चल रहा था जहाँ देश के जाने माने चूतिये कुमार बकवास, संजू पहलवान, गन्ना खुजरे, अरविन्द यादव इकठा हुए थे । बकौल दिग्विजय इन सभी चुतियो की फ़ौज देखकर उनको इक आशा की किरण दिखायी दी की ये हमारी मदद कर सकते हैं . .।और इसी के तहत आम आदमी पार्टी के लिए फंडिंग का जुगाड़ किया गया। उसके बाद से चूतियो को गिनने का सारा काम अरविन्द यादव ने संभाल लिया और आश्चर्य की बात यह है की आम आदमी पार्टी के सदस्यों को ही चूतियो की जनसँख्या पता चलती है। इससे एक और फायदा हुआ की हमे ट्रेंड मिल रहा है की कितने लोग प्रतिदिन चूतिया बन रहें है और कितने लोगों की घर वापसी हो रही है ।
दिग्विजय ने सहृदय धन्यवाद भी दिया की अरविन्द द्वारा इतने कठिन काम को इतनी आसानी से कर दिया गया।
एक और कर्मचारी ने बताया की देश में अपना दिया हुआ पैसा वापस मांगना जितना मुश्किल है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल था चूतियो की गिनती करना लेकिन अरविन्द आये और काम आसान कर गए।
इसे कहते हैं सच्चा और ईमानदार नेता जो बाद में चल कर इस गणना का प्रमुख बना क्योंकि उसमें वो सारे गुण थे जो इक प्रमुख चूतिया में होने चाहिए...और अचंभित करने वाली बात यह है की अरविन्द को कभी इस बात का घमंड भी नही हुआ की वो इक महान चूतिया है।

Thursday, 12 March 2015

Hum Bhi Likhenge Ab...!!!!!!(हम भी लिखेंगे .....!!!!!): I am from European Union

Hum Bhi Likhenge Ab...!!!!!!(हम भी लिखेंगे .....!!!!!): I am from European Union

I am from European Union

1).I don't have proper degree but you hire me because I am from European Union.
2).I will sign a contract which says I can not take leave before 11 month but you give me because I am from EU.
3).My contract says I will have to work for eight hours but I will work only for six hours because I am from EU.
4).I am a teacher But I won't give any teach-back because I am from EU.
5).I have already travelled just after 3 month but I will travel one more time after another three month because I am from EU.
6).I need a private place to search jobs all the time while working at the present company because I am from EU.
7).Now I have got a job so I will kill my grand mother because I am from EU.
8).I want to run away But will not pay the damage cost because I am from EU.
9).I will pretend that I am ill in front of outers and lie on the floor because I am from EU.
10).I will abuse my manager and the whole organisation because I am from EU.
11).I have availed the paid leave which I don't deserve ,But will not pay the damage cost to the company because I am from EU.
12).I will eat your food every day but will abuse the food and the cook because I am from EU.

Now If you object to any one of these then You are from a Third World country. !!!!